Saturday, 3 May 2025

"ॐ नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय नमः"

"ॐ नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय नमः"

यह एक विशिष्ट तांत्रिक एवं शक्तिपरक मंत्र है, जो हनुमान जी की दैवी शक्ति के 'आवेश' — यानी कि साधक के भीतर दैवी शक्ति के प्रवेश — हेतु प्रयोग में लाया जाता है।


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शब्दार्थ:

ॐ – परमात्मा की मूल ध्वनि, ब्रह्मांड का सार

नमो – नमस्कार या वंदन

हनुमते – हनुमान जी को (दिव्य बल और भक्ति के प्रतीक)

आवेशाय आवेशाय – बार-बार आवेश करने की विनती; ‘आवेश’ का अर्थ है किसी दैवी शक्ति या ऊर्जा का शरीर में प्रवेश

नमः – पुनः नमस्कार या समर्पण



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भावार्थ (अर्थ सहित):

"हे परम बलवान हनुमान जी! आपको बारंबार नमस्कार है। कृपया अपनी दिव्य शक्ति से मुझे आविष्ट करें, मुझमें अपना तेज और बल प्रवाहित करें। मैं आपकी शरण में हूँ।"


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मंत्र का उद्देश्य:

यह मंत्र विशेष रूप से उन साधकों द्वारा जपा जाता है जो हनुमान जी से:

शारीरिक व मानसिक बल

दुष्ट प्रभावों से रक्षा

आत्मिक शक्ति और साहस

कठिन कार्यों में विजय
प्राप्त करना चाहते हैं।


1. मंत्र का महत्व:

यह मंत्र एक आवेश मंत्र है, जिसका उद्देश्य है हनुमान जी की शक्ति, तेज और साहस का अपने अंदर प्रवेश कराना।
यह मंत्र सामान्य पूजा से थोड़ा ऊपर की साधना में आता है। इसे शक्तिशाली तांत्रिक उपासक, वीर साधक, या रक्षा हेतु उपयोग करते हैं।

यह मंत्र कब उपयोगी होता है:

जब आपको मानसिक या आत्मिक कमजोरी महसूस हो

जब कोई भय, शत्रु या तांत्रिक बाधा हो

जब आप में साहस, निर्णय शक्ति या तेज की कमी हो

जब आप किसी विशेष उद्देश्य से हनुमान जी की कृपा पाना चाहते हों



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2. जप की विधि (साधना विधि):

सामग्री:

लाल आसन

हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र (पंचमुखी या बलवान रूप)

लाल चंदन, सिंदूर, फूल (जैसे गुड़हल)

दीपक (घी का)

एक माला (रक्तचंदन की उत्तम मानी जाती है)

साफ-सुथरी लाल वस्त्र पहनें


स्थान और समय:

मंगलवार या शनिवार से प्रारंभ करें

ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4-6 बजे) या रात में (10–12 बजे)

एकांत, शांत और पवित्र स्थान चुनें



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जप विधि:

1. स्नान कर साफ वस्त्र पहनें


2. हनुमान जी को प्रणाम कर आसन ग्रहण करें


3. दीपक जलाएं, प्रसाद रखें (गुड़ या बूंदी)


4. "ॐ नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय नमः" मंत्र का जाप करें


5. प्रतिदिन 108 बार (1 माला) जप करें, 21 दिन तक


6. हर दिन अंत में हनुमान चालीसा या बजरंग बाण पढ़ें


7. 21वें दिन पूर्णाहुति करें (गाय के घी से हवन करें, यदि संभव हो)




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3. नियम:

ब्रह्मचर्य का पालन करें

सात्त्विक भोजन करें

किसी पर क्रोध या कटु वचन न कहें

पूर्ण श्रद्धा और विश्वास रखें

साधना काल में शराब, मांस, प्याज, लहसुन आदि वर्जित हैं



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4. लाभ (फल):

भय, बाधा, कष्ट से मुक्ति

आत्मबल, साहस और ऊर्जा की वृद्धि

शत्रुओं पर विजय

मानसिक स्पष्टता और निर्णय शक्ति

जीवन में स्थिरता और तेज

तांत्रिक/नकारात्मक प्रभाव से रक्षा



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5. सावधानी:

यदि आप पहली बार तांत्रिक साधना कर रहे हैं, तो किसी जानकार से मार्गदर्शन लेना उचित होगा

यह मंत्र सामान्य पाठ के लिए भी उपयोगी है, परंतु आवेश साधना करने पर शरीर में उर्जा और कंपन अनुभव हो सकता है










हनुमान मंत्र ✨

ॐ हन हनुमते नमो नमः  
श्री हनुमते नमो नमः 
जय जय हनुमते नमो नमः
राम दुताए नमो नमः ।।

।। ओम मारुति नंदन नमो नमः
 श्री कष्टभंजन नमो नमः 
असुरनिकंदन नमो नमः
 श्री रामदूतम नमो नमः।।

ॐ हं हनुमते नमः ।।

ॐ हं पवननन्दनाय स्वाहा' 

हनुमान जी का मंत्र है. इसका अर्थ है, 'मैं भगवान हनुमान को प्रणाम करता हूं, जो पवन के पुत्र हैं और भगवान राम के भक्त हैं'. मंगलवार को इस मंत्र का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है.












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